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Shaheed Bhagat Singh PG Institute for Horticulture to be set up at Amritsar

Firozpur, Punjab: The Prime Minister, Shri Narendra Modi, today outlined various steps being undertaken by the Union Government for the agriculture sector and welfare of farmers. He was speaking at a public meeting after paying homage to martyrs at the National Martyrs Memorial in Hussainiwala, near Firozpur in Punjab. The Prime Minister announced the setting up of the Shaheed Bhagat Singh PG Institute for Horticulture Research and Education at Amritsar.
The Prime Minister, Shri Narendra Modi addressing the people at National Martyrs Memorial, at Hussainiwala, in Firozpur, Punjab
The Prime Minister, Shri Narendra Modi addressing the people at National Martyrs Memorial, at Hussainiwala, in Firozpur, Punjab
He called upon the farmers of Punjab, who, he said, had eliminated hunger from India, to now take the lead in adopting modern water conservation practices and judicious use of chemical fertilizers. The Prime Minister criticized those who were misleading farmers, and said the Union Government is working on far-reaching policies to promote the welfare of farmers. In this regard, the Prime Minister emphasized initiatives such as the Pradhan Mantri Krishi Sinchai Yojana and Soil Health Cards. Shri Narendra Modi said his Government would provide relief to farmers affected by the recent unseasonal rains.
The Prime Minister, Shri Narendra Modi being presented a sword by the Chief Minister of Punjab, Shri Parkash Singh Badal, at National Martyrs Memorial, in Hussainiwala, Firozpur, Punjab
The Prime Minister, Shri Narendra Modi being presented a sword by the Chief Minister of Punjab, Shri Parkash Singh Badal, at National Martyrs Memorial, in Hussainiwala, Firozpur, Punjab
The Prime Minister said he had come to salute martyrs such as Bhagat Singh, Rajguru and Sukhdev. He reiterated his commitment to build an India of their dreams where youth have employment, and the poorest of the poor are also benefited. He outlined his vision of "Housing for All," by 2022, and "Swachh Bharat by 2019. The Prime Minister also explained how the Union Government is working towards empowering states with more resources. He spoke about the benefit that Punjab would get as a result of the acceptance of the recommendations of the 14th Finance Commission. The Prime Minister spoke about the various ways in which the Union Government had curbed corruption, including through successful coal block auctions. The Chief Minister of Punjab Shri Parkash Singh Badal, and Union Minister Smt. Harsimrat Kaur Badal were present on the occasion.
The Prime Minister, Shri Narendra Modi paying homage at the Samadhi Statues of Shaheed Bhagat Singh, Rajguru and Sukhdev at National Martyrs Memorial, at Hussainiwala, in Punjab on March 23, 2015. The Chief Minister of Punjab, Shri Parkash Singh Badal is also seen.
The Prime Minister, Shri Narendra Modi paying homage at the Samadhi Statues of Shaheed Bhagat Singh, Rajguru and Sukhdev at National Martyrs Memorial, at Hussainiwala, in Punjab on March 23, 2015. The Chief Minister of Punjab, Shri Parkash Singh Badal is also seen.
Text of PM's remarks at public meeting after paying homage at National Martyrs Memorial in Hussainiwala विशाल संख्‍या में पधारे हुए सभी प्‍यारे भाईयों और बहनों और विशेष रूप से महाराष्‍ट्र से आये मित्रों को भी नमस्कार, बोले सो निहाल..सत् श्री अकाल! शहीदों..अमर रहो! शहीदो..अमर रहो! शहीदों..अमर रहो! आज मेरे लिए बड़ी प्रेरक घड़ी है। एक नई प्रेरणा जिनका नाम कानों पर पड़ते ही देश के हर नागरिक को मिलती है ऐसे सरदार भगत सिंह जी, सुखदेव, राजगुरू, बटूकेश्‍वर दत्‍त और भगत‍ सिंह जी की माता जी, जिस धरती पर एक वीर माता के साथ भारत माँ के प्‍यारे लाड़ले चार वीरों की समाधि को नमन करने का मुझे अवसर प्राप्‍त हुआ है। यह पंजाब की धरती की विशेषता है। इस धरती ने, आजादी के जंग में सबसे ज्‍यादा बलिदान दिया है। देश की रक्षा के लिए सीमा पर मोर्चा संभालते हुए अनेक वीर जवानों ने शहादत दी है।..और देश को आगे बढ़ाने के लिए यहां के किसानों ने अपना पसीना बहाकर के देश के अन्‍न भंडार भर दिये। यह ऐसी धरती है, जहां आजादी के पहले भी यहां के लोग देश के लिए जिए और आजादी के बाद भी देश के लिए जी रहे हैं। मैं इस धरती को, यहां के सभी वीरों को, यहां के सभी वीर माताओं को आदरपूर्वक नमन करता हूं।
The Prime Minister, Shri Narendra Modi at Durgiana temple, in Punjab on March 23, 2015. The Union Minister for Food Processing Industries, Smt. Harsimrat Kaur Badal is also seen.
The Prime Minister, Shri Narendra Modi at Durgiana temple, in Punjab on March 23, 2015. The Union Minister for Food Processing Industries, Smt. Harsimrat Kaur Badal is also seen.
अंग्रेजों ने.. उनको भगत सिंह का भय कितना रहता था.. तय तो यह हुआ था कि 24 मार्च को भगत सिंह जी को फांसी दे दी जाएगी। लेकिन घबराई हुई अंग्रेजी सल्‍तनत ने सारे नियमों का उल्‍लंघन करते हुए, सारी परंपराओं को तोड़ते हुए, चोरी छिपे से सरदार भगत सिंह जी को फांसी दी। और इतना ही नहीं, वो शरीर उनके परिवारजनों को देने की बजाय लाहौर जेल से लाकर के यहां पर किसी भी सम्‍मान के बिना मिट्टी के तेल में और अगल-बगल से कूड़ा कचरा इकट्ठा करके उनके शरीर को जला देने का काम उस सल्‍तनत ने किया। यही धरती है, यहां पर उनका शरीर विलीन हो गया। मैं आज भगत सिंह, सुखदेव राजगुरू.. उन वीरों की उस महान परंपरा को प्रणाम करने आया हूं।
The Prime Minister, Shri Narendra Modi paying homage at the samaadhi of 'Punjab Mata' (mother of Shaheed Bhagat Singh), at Hussainiwala, in Punjab on March 23, 2015. The Chief Minister of Punjab, Shri Parkash Singh Badal, the Minister of State for Social Justice & Empowerment, Shri Vijay Sampla and other dignitaries are also seen.
The Prime Minister, Shri Narendra Modi paying homage at the samaadhi of 'Punjab Mata' (mother of Shaheed Bhagat Singh), at Hussainiwala, in Punjab on March 23, 2015. The Chief Minister of Punjab, Shri Parkash Singh Badal, the Minister of State for Social Justice & Empowerment, Shri Vijay Sampla and other dignitaries are also seen.
भाईयों-बहनों आज हिंदुस्‍तान में किसी एक नाम को सुनते ही हिंदुस्‍तान के हर कोने में जवान, वृद्ध सबको चेतना जग जाती है, प्रेरणा मिल जाती है, वो नाम है सरदार भगत सिंह। उस नाम में वो ताकत है, जो आज भी देश के नौजवानों को देश के लिए जीने-मरने की प्रेरणा देता है। ऐसे महापुरूषों ने बलिदान दिया, तब जाकर के देश आजाद हुआ। उनके सपनों को पूरा करना.. और उन सपनों को पूरा करने के लिए जैसा भारत उन्‍होंने चाहा था वैसा भारत बनाने के लिए हम जितना करे उतना कम है। हमारा गांव आबाद हो, हमारा किसान खुशहाल हो, हमारे नौजवान को रोजगार हो, दलित, पीडि़त, शोषित, वंचित, गांव, गरीब, शहर के मजदूर, उनके जीवन में बदलाव आए। जब तक हम देश में यह बदलाव नहीं लाते हैं, तब तक देश के लिए बलिदान देने वाले महापुरूषों को सच्‍ची श्रद्धांजलि अधूरी रहेगी। भाईयों-बहनों हमारा सपना भी है, हमारा कर्तव्‍य भी है कि हम इस भारत मां को सुजलाम, सुफलाम बनाए। यह भारत मां, यहां के नौजवान अपनी आशा-आकांक्षा के अनुरूप जीवन में नई ऊंचाईयों को पार कर सके, हरेक को अवसर मिले विकास का, ऐसे देश को नई ऊंचाईयों पर ले जाने का प्रयास, हम सबका दायित्‍व बनता है। तब जाकर के इन महापुरूषों को सच्‍ची श्रद्धांजलि होगी। हमने सपना देखा है – 2022! जब भारत की आजादी के 75 साल पूरे होंगे। हमारे देश में 75 साल एक अमृत पर्व होता है। इस अमृत पर्व का विशेष महत्‍व होता है। क्‍या हम 2022 में जब अमृत पर्व मनाएं तब इस देश में कोई भी परिवार ऐसा न हो, जिसके पास रहने के लिए अपना घर न हो।
The Prime Minister, Shri Narendra Modi at JallianwalaBagh
The Prime Minister, Shri Narendra Modi at JallianwalaBagh
भाईयों-बहनों आज भगत सिंह जी की समाधि पर मैं आया हूं। उस महापुरूष के बलिदान को याद करता हूं और मन करता है जी-जान से जुट जाएं देश के गरीब से गरीब व्‍यक्ति को भी.. जब आजादी का अमृत पर्व मनाएं तब उसका अपना घर मिल जाए। 2019! महात्‍मा गांधी के 150 साल पूरे होंगे। महात्‍मा गांधी के 150 साल कैसे मनाएं? क्‍या हमारे देश के महापुरूषों को हम स्‍वच्‍छ भारत नजराने के रूप में नहीं दे सकते? क्‍या यह भारत के सवा सौ करोड़ नागरिकों की जिम्‍मेवारी नहीं है कि हमारी भारत माता जिसके लिए इतने लोगों ने बलिदान दिये उसे हम स्‍वच्‍छ तो रखे, साफ-सुथरी रखें इस दायित्‍व को हम निभाएं और स्‍वच्‍छ भारत का सपना महात्‍मा गांधी के 150 साल पूरा होने के अवसर पर हम पूरा करें। हर गांव, हर गली, हर गली, हर परिवार, हर कोई अपने दायित्‍व को निभाएं।
The Prime Minister, Shri Narendra Modi at JallianwalaBagh, in Punjab on March 23, 2015. The Chief Minister of Punjab, Shri Parkash Singh Badal and the Minister of State for Social Justice & Empowerment, Shri Vijay Sampla are also seen
The Prime Minister, Shri Narendra Modi at JallianwalaBagh, in Punjab on March 23, 2015. The Chief Minister of Punjab, Shri Parkash Singh Badal and the Minister of State for Social Justice & Empowerment, Shri Vijay Sampla are also seen
और आज 23 मार्च ! राम मनोहर लोहिया जी का भी जन्‍म जयंती का अवसर है। राम मनोहर लोहिया जी एक ऐसे राजपुरूष थे, जब वो राजनीतिक आंदोलन चलाते थे, तो अपनी विचारधारा के साथ-साथ एक बात का ख्‍याल रखते थे। वे स्‍वच्‍छता का आंदोलन अपनी जवानी में चलाए करते थे। राम मनोहर लोहिया स्‍वच्‍छता का आंदोलन लगातार चलाया करते थे। आज उनकी भी जयंती है, भगत सिंह की शहादत का पर्व है और भारत माता के लिए जीने वाले इन लोगों को जब याद करते हैं तब हमारी भारत माता स्‍वच्‍छ हो, विकास की नई ऊंचाईयों को पार करने वाला हर नागरिक को अवसर हो। इस दिशा में हम आगे बढ़ना चाहते हैं।
The Prime Minister, Shri Narendra Modi at JallianwalaBagh, in Punjab on March 23, 2015. The Governor of Punjab, Shri Kaptan Singh Solanki and the Chief Minister of Punjab, Shri Parkash Singh Badal are also seen.
The Prime Minister, Shri Narendra Modi at JallianwalaBagh. The Governor of Punjab, Shri Kaptan Singh Solanki and the Chief Minister of Punjab, Shri Parkash Singh Badal are also seen.
मेरे किसान भाईयों-बहनों पंजाब ने देश को भूख से बचाया है। देश को अन्‍न देने का पुण्‍य का काम पंजाब के किसान ने किया है लेकिन आज पंजाब में पानी जमीन में गहरा होता जा रहा है। Danger रेखा से भी नीचे चला गया है। पानी परमात्‍मा का दिया हुआ प्रसाद है। पानी को बचाए बिना, हम न खेती बचा सकते हैं, न जीवन बचा सकते हैं और इसलिए मैं पंजाब के किसान भाईयो-बहनों से आग्रह करूंगा कि हम फसल पैदा करे, आधुनिक विज्ञान का प्रयोग करें। Per drop more crop, micro irrigation, टपक सिंचाई हो, स्प्रिंक्‍लर हो। बहुत सारी चींजें आज विज्ञान ने स्‍वीकार की है। कभी-कभी जब तक हमारा किसान, खेत पानी से लबालब भरा न हो तब तक उसकी आंखों को चैन नहीं पड़ता। उसको लगता है कि पूरा खेत पानी से पूरी तरह भरा होगा, तभी फसल होगी। मेरे किसान भाईयों-बहनों मैं भी गरीब परिवार का.. मैंने इन सारी चीजों को निकट से देखा है और इसलिए मैं आपको कहता हूं कि विज्ञान बदल चुका है और इसलिए मैं आपको एक छोटी सी बात बताऊं। अगर कोई बालक घर में बीमार रहता है, वजन नहीं बढ़ता है, चेहरे पर मुस्‍कान नजर नहीं आती है, दुबला-पतला रहता है और मां-बाप की इच्‍छा रहती है कि बेटा तंदरूस्‍त हो, वजन बढ़े, दौड़े-कूदे। मां-बाप ऐसे में बादाम, केसर, पिस्‍ता यह डालकर के बाल्‍टी भर दूध रोज, बाल्‍टी भर दूध से उस बच्‍चे को अगर नहला दें तो वजन बढ़ेगा क्‍या? चेहरे पर मुस्‍कान आएगी क्‍या? तबियत ठीक होगी क्‍या? आप भी जानते हैं नहीं होगी। केसर, पिस्‍ता, बादाम वाला दूध हो, बाल्‍टी भर दूध हो, रोज दूध से नहलाते हो, लेकिन उसके शरीर में कुछ नहीं होगा। लेकिन अगर समझदार मां-बाप चम्‍मच से, एक चम्‍मच दूध पिलाएंगे, रोज 10 चम्‍मच, 15 चम्‍मच, 20 चम्‍मच पिलाना शुरू कर देंगे, तो बच्‍चे का वजन बढ़ने लगेगा। शरीर तंदरूस्‍त होगा। जो स्‍वभाव बच्‍चे का होता है, वही स्‍वभाव फसल का होता है और इसलिए फसल को ढेर सारा पानी देने से फसल अच्‍छी होती है, ऐसे पुराने विचारों को छोड़ना पड़ेगा। बूंद-बूंद पानी पिलाना से फसल ज्‍यादा होगी, अच्‍छी होगी, कम जमीन में भी ज्‍यादा पैदावार होगी और तब जाकर के पंजाब में जो पानी नीचे चला जा रहा है, वो पानी ऊपर आएगा। मेरे भाईयों बहनों बरसात का पानी, बूंद-बूंद पानी बचाएंगे, जमीन में उसको वापस डालेंगे, तभी जाकर के पंजाब की पानी की समस्‍या का समाधान कर पाएंगे। हमारे पास नहरों का इतना बड़ा नेटवर्क है, लेकिन जितनी मात्रा में पानी जाना चाहिए उतना जा नहीं रहा है। शुरू के इलाके में तो पानी पहुंचता है लेकिन नहर का जहां आखिरी इलाका है, वहां पानी नहीं पहुंचता। हमने एक योजना बनाई है-‘प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना’। इस योजना के तहत हमारा सपना है कि हिंदुस्‍तान के हर किसान के खेत तक पानी पहुंचाया जाए, नदियों को जोड़ा जाए, नहरों को ठीक किया जाए, नई नहरों को बनाया जाए। अगर किसान को पानी पहुंच गया तो मैं विश्‍वास दिलाता हूं मिट्टी में से सोना पैदा करने की ताकत मेरे किसान भाईयों-बहनों में हैं और वो हिंदुस्‍तान के आर्थिक स्थिति को बदल सकते हैं। उस काम की और हमें जाना है। मुझे आज मेरे किसान भाईयों-बहनों को मेरी एक चिंता भी मुझे बतानी है और वो चिंता.. मैं देख रहा हूं कि ज्‍यादा फसल के मोह में आज हम ऐसी-ऐसी गलतियां कर रहे हैं कि जिसके कारण हमारी जमीन बर्बाद हो गई है। जमीन अपनी ताकत खो रही है। अगर धरती माता अपनी ताकत खो देगी तो इस धरती पर पलने वाले बच्‍चों का पालन-पोषण कैसे होगा। हम जिस प्रकार से Chemical Fertilizer का उपयोग करते हैं.. पंजाब का क्‍या हाल करके रखा है किसान भाईयों-बहनों हमने! कितनी मात्रा में, कौन सा खाद डालना चाहिए.. हम कैसी बड़ी गलती कर रहे हैं। वैज्ञानिकों का कहना है, विज्ञान में सिद्ध हुआ है कि जितना पोटाश का उपयोग करते हैं उससे चार गुना से ज्‍यादा नाइट्रोजन का उपयोग फसल भी बर्बाद करता है, जमीन भी बर्बाद करता है। चार गुना से कम नाइट्रोजन उपयोग करना चाहिए लेकिन हमारे पंजाब में कितना उपयोग होता है, आपको मालूम है? 57 गुना! आप कल्‍पना कर सकते हैं जैसे परिवार में दवाई देनी है, लेकिन ज्‍यादा dose दे दें तो मौत भी हो जाती है वैसे नाइट्रोजन इतना गुना डालने के कारण हमारी फसल और हमारी जमीन सबको हम बर्बाद कर देते हैं। मैं पंजाब के किसानों से आग्रह करता हूं कि आप देश को दिशा दीजिए, आप देश का नेतृत्‍व कीजिए और तय कीजिए कि जितने अनुपात में Fertilizer चाहिए उससे ज्‍यादा डालने का पाप हम नहीं करेंगे, हम ऐसी गलती नहीं करेंगे। इतना ही नहीं पोटाश से फास्‍फोरस डब्‍बल से ज्‍यादा उपयोग नहीं करना चाहिए, वरना खेती बर्बाद हो जाती है। लेकिन हम क्‍या करते हैं, पंजाब के अंदर पोटास से फास्‍फोरस का उपयोग 13 गुना करते हैं। जबकि दो गुना से ज्‍यादा नहीं करना चाहिए। मुझे बताइये मेरे किसान बहनों-भाईयों कि पंजाब, पंजाब का गांव, पंजाब का किसान, पंजाब की फसल जिस पर पूरा हिंदुस्‍तान जी रहा है अगर वही बर्बाद हो जाएगा तो पूरा देश भूख मर जाएगा और इसलिए मेरे किसान भाईयों-बहनों मैं आपसे आग्रह करने आया हूं कि आप विज्ञान, आधुनिक यंत्र.. और जिसमें सरकार पूरी मदद करती है.. आप इसका सही उपयोग करें। इसका दुरूपयोग तत्‍काल तो हमें अच्‍छा लगता है, लेकिन लम्‍बे समय के लिए हमारा बहुत नुकसान करता है और इसलिए मेरे किसान भाईयों-बहनों इससे बचकर रहना चाहिए यह मैं विशेष रूप से आग्रह करना चाहता हूं। सरकार ने किसानों के लिए एक महत्‍वपूर्ण योजना बनाई है। इस योजना को हमने लागू किया है और आप तक हम पहुंचाना चाहते हैं और वो है – Soil Health Card. जैसे नागरिक का Health Card होता है, उसका शरीर कैसा, Blood कैसा, तबियत कैसी है, कमियां क्‍या है, वो सब Health Card से पता चलता है। वैसा ही जैसे इंसान के शरीर का स्‍वभाव है, वैसा ही जमीन का भी स्‍वभाव है। जमीन को भी बीमारियां होती है, जमीन में भी कमियां होती हैं लेकिन हमें पता नहीं होता और उसके कारण हम.. जमीन का किसके लिए उपयोग करना चाहिए, नहीं कर पाते। इस बात को समझाने के लिए गांव-गांव किसानों को Soil Health Card देने की सरकार ने योजना बनाई है। आपकी जमीन कैसी है, आपकी जमीन की तबियत कैसी है, आपकी जमीन में कौन सी कमियां है, आपकी जमीन में कौन सी फसल अच्‍छी हो सकती है, आपको अगर दवाई डालनी है तो कौन सी दवाई की जरूरत है, आपको अगर Fertilizer डालना है तो कौन सा Fertilizer डालना है, कितना डालना है यह सारी बातें Soil Health Card से पता चलती हैं और यदि किसान Soil Health Card से योजना करके चलता है तो मैं विश्‍वास दिलाता हूं मेरे किसान बहनों-भाईयों छोटे किसान को भी साल का 40-50 रुपया, जो ज्ञान के अभाव के रूप में फालतू में खर्चा होता है, वो बच जाएगा। मेरे किसान को बहुत बड़ा फायदा होगा। इसलिए यह बहुत बडा काम पूरे देश में हमने चलाया है Soil Health Card का। और मुझे विश्‍वास है कि हमारे पंजाब के किसान भी इस बात की चिंता करेंगे। मेरे किसान भाईयों बहनों एक तो पिछले साल बारिश कम हुई। हिंदुस्‍तान के कई राज्‍यों में कम बारिश के कारण किसानों को नुकसान हुआ, कहीं पर सूखा पड़ा गया और ऊपर से अभी-अभी ओले गिरे। मैं जानता हूं कि किसानों पर कितनी बड़ी आपत्ति आई होगी। मैंने भारत सरकार के अधिकारियों को, मंत्रियों को आदेश दिए हैं, सर्वे का काम शुरू हुआ है, राज्य सरकार और भारत सरकार मिलकर के आपके इस संकट की घड़ी में आपके साथ हैं। आपको जो नुकसान हुआ है.. हमारा किसान टिक सके.. जितनी भी मदद सरकार कर सकती है उसमें सरकार किसी भी हालत में पीछे नहीं रहेगी। यह मैं आपको विश्‍वास दिलाना चाहता हूं। मेरे भाईयों-बहनों आज जब मैं सरदार भगत सिंह जी की शाहदत के इस पावन पर्व पर, इस पवित्र धरती पर आया हूं, तब मैं.. सरकार ने बजट में घोषणा की है.. क्‍योंकि पंजाब और किसान का अटूट नाता है और इसलिए अमृतसर में किसानों के लिए उपयोगी हो ऐसी Institute for Horticulture Education इसका आरंभ किया जाएगा और आज मैं जब यहां आया हूं तब इस नये Institute को हम सरदार भगत सिंह Post Graduate Institute for Horticulture Research and Education इस रूप में निर्माण करेंगे ताकि पंजाब किसान की जो नई पीढ़ी है उसके कारण उसको लाभ मिलेगा। भाईयों बहनों भारत सरकार की यह सोच है कि अगर देश को आगे बढ़ाना है तो राज्‍यों को आगे बढ़ाना पड़ेगा। अगर हमारे राज्‍य मजबूत नहीं होंगे तो देश मजबूत नहीं होगा। अगर राज्‍य आगे नहीं बढ़ेंगें तो देश आगे नहीं बढ़ेगा और इसलिए हमारी सरकार की हर योजना राज्‍यों को मजबूत बनाने के लिए है। अभी इस बार 14th Finance Commission की रिपोर्ट के आधार पर अकेले पंजाब को कितना बड़ा लाभ होने वाला है। पंजाब इन रुपयों का सही इस्‍तेमाल करके कितना आगे बढ़ सकता है इसका मैं भली-भांति अंदाज कर सकता हूं और मुझे विश्‍वास है कि बादल साहब के नेतृत्‍व में प्रगतिशील निर्णयों के द्वारा पंजाब के जीवन को बदलने में यह रकम बहुत काम आने वाली है। पहले पिछली पंचवर्षीय योजना में भारत सरकार की तरफ से पंचवर्षीय योजना के तहत पंजाब को 20 हजार करोड़ रुपये मिले थे। भाईयों-बहनों आने वाले पांच साल के लिए यह रकम बढा़कर के 54 हजार करोड़ रुपये कर दी जाएगी, डबल से भी ज्‍यादा। इतना ही नहीं पंचायत और नगरपालिकाओं के लिए भारत सरकार ने पहले चार हजार करोड़ रुपया दिया था, इस बार हमने वो रकम बढा़कर के छह हजार करोड़ रुपये कर दी। जिसके कारण गांव के व्‍यक्ति को भी इसका फायदा पहुंचाने में काम आ जाएगी। इस बार भी पहले की तुलना में करीब-करीब चार हजार करोड़ रुपया ज्‍यादा, अतिरिक्‍त चार हजार रुपया पंजाब के विकास के लिए भारत सरकार की तिजोरी से आने वाला है। स्थिति ऐसी हो गई है.. एक जमाना था कि दिल्‍ली के खजाने में देश की सभी तिजौरियों का करीब 60-65 प्रतिशत पैसा रहता था। राज्‍यों के पास 35-40 प्रतिशत रहता था। हमारे आने के बाद चित्र हमने बदल दिया है। अब राज्‍यों के पास करीब-करीब 60-62 प्रतिशत राशि रहेगी और केंद्र के पास सिर्फ 38% राशि रहेगी और राज्‍य मजबूत होंगे। राज्‍य विकास की नई ऊंचाईयों को पार करेंगे। उस दिशा में हम काम कर रहे हैं। यहां पर रास्‍ते बनाने के लिए भारत सरकार की जो योजनाएं हैं.. रेल को बढ़ाने के लिए.. आज मेरे लिए खुशी की बात है कि अमृतसर से आनंदपुर साहब रेलवे की योजना का साकार रूप हमारे सामने खड़ा हुआ है। यह गर्व की बात है। आनंदपुर साहब यात्रियों के लिए एक मुख्‍य धाम है और किसी को भी हिमाचल में भी किसी जगह जाना है तो आनंदपुर साहब से ही जाते हैं। चिंतपुरणी जाना है, ज्‍वालाजी जाना है तो यहीं से जाते हैं। इस पूरे इलाके को इसका लाभ मिलने वाला है। एक प्रकार से विकास की नई ऊंचाईयों को पार करने की दिशा में हम लगातार प्रयासरत है। ..और मैं आपको विश्‍वास दिलाता हूं, मेरे पंजाब के किसान भाईयों-बहनों, आपने कभी सोचा था.. किसान 60 साल के बाद.. उसको कभी पेंशन मिल सकता है। सरकारी मुलाजिम को तो पेंशन मिल जाता है। किसान को पेंशन मिल सकता है क्‍या? 60 साल के बाद हर महीना उसको चैक मिल सकता है क्‍या? मेरे किसान भाईयों-बहनों इस बार भारत सरकार ने एक योजना बनाई है जिसमें Public Private Partnership के modal पर.. किसान को.. 60 साल के बाद अगर वो इस योजना से जुड़ जाता है, तो उसको हर महीना पांच हजार रुपया पेंशन की राशि मिल सकती है। हमारे देश के किसान का बुढ़ापा भी सुख, शांति और गौरव से बीते उस दिशा में काम करने का एक अहम कदम इस बार हमने बजट में उठाया है। भाईयों-बहनों इन दिनों किसान को गुमराह करने के लिए भांति-भांति के प्रयास हुए हैं। कल मैंने रेडियो पर मेरी “मन की बात” में, किसानों ने जितने सवाल पूछे थे, सारे सवालों के मैंने जवाब दिये और मैं किसानों को विश्‍वास दिलाता हूं कि अगर इस देश को आगे बढ़ना है तो किसान की रक्षा करनी होगी, गांव का भला करना होगा, लेकिन साथ-साथ किसान के बेटों के लिए भी चिंता करनी होगी। किसान के बेटे को रोजगार चाहिए। आज सेना में जितने जवान हैं वो कौन है? 80% से ज्‍यादा जवान किसान मां-बाप के बेटे हैं। किसान अपने बेटे को सेना में भर्ती करता है, युद्ध के लिए भेजता है। उसे मालूम है कि अगर परिवार में तीन बच्‍चे हैं तो तीनों का जीवन आज खेती से गुजरता नहीं है। हर किसान को पूछो कि भई आपके तीन बेटे हैं क्‍या चाहते हो? हर किसान कहता है – एक बेटा तो खेती करेगा लेकिन दो को तो कहीं भेजना चाहता हूं, कहीं नौकरी कर ले, रोजी-रोटी कमा ले, पढ़-लिख करके अपना करोबार चला ले। हर किसान की यह चिंता है। अगर विकास नहीं होगा तो किसान के बच्‍चों का क्‍या होगा? क्‍या मेरे किसान के बच्‍चे दिल्‍ली और मुंबई की झुग्‍गी-झोपड़ी में जिंदगी गुजारने के लिए मजबूर होने चाहिए? किसान के बच्‍चों को भी रोजगार चाहिए, किसान के बेटों का भी भला होना चाहिए और इसलिए मेरे भाईयों-बहनों हमारी सरकार किसान का तो भला चाहती है, गांव का भी भला चाहती है, किसान के बच्‍चों का भी भला चाहती है। इस तरह एक लम्‍बी सोच के साथ, देश के विकास की ओर आगे बढ़ने की दिशा में हमने प्रयास किया है। आज वीर सरदार भगत सिंह जी के आशीर्वाद मिले, सुखदेव-राजगुरू के आशीर्वाद मिले, भगत‍ सिंह जी की माता जी के आशीर्वाद मिले, हमारा देश विकास की नई ऊंचाईयों को पार करे और नई ऊंचाईयों को पार करते-करते हम आगे बढ़े। भाईयों बहनों हमारे देश को भ्रष्‍टाचार ने तबाह कर दिया, बर्बाद कर दिया। कैसा-कैसा भ्रष्‍टाचार हुआ है! मैं आपको बताना चाहता हूं.. कोयला.. जब मैं यहां चुनाव में आया था और कोयले की चोरी की बात कर रहा था तो हमारे पुराने लोग जो सरकार में बैठे थे, वे गुस्‍सा हो जाते थे। सीएजी ने कहा था एक लाख 76 हजार करोड़ रुपया, अकेले कोयले में घोटाला हुआ है। यह आंकड़ा इतना बड़ा था कि लोगों के गले नहीं उतरता था। लोगों को यह तो लगता था कि भ्रष्‍टाचार तो किया होगा इनकी आदत है, लेकिन इतना नहीं हो सकता। ऐसा लोग सोचते थे। कुछ लोग तो ऐसे थे जो कहते थे - जीरो थ्‍योरी, जीरो थ्‍योरी। एक नये पैसे का घोटाला नहीं हुआ यह कहते थे। भाईयों बहनों 204 कोयले की खदान भ्रष्‍टाचार के कारण गुस्‍से में आकर के सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दी। अब हमारे आते ही यह हुआ। पाप उन्‍होंने किया था.. बिजली कारखाने बंद हो जाने की नौबत आ गई। कारखानों में कोयला नहीं जाएगा तो कारखाने बंद हो जाएंगे ऐसी स्थिति पैदा हो गई। लेकिन हमने ईमानदारी की, पारदर्शिता की, नीतियों की योजना की और हमने तय किया कि हम सार्वजनिक रूप से Auction करेंगे, नीलामी करेंगे। और जो भी लेना चाहता है वो नीलामी में बोले पैसा, जो ज्‍यादा पैसा देगा, उसको मिलेगा। भाईयों बहनों क्‍या हुआ! 204 में से अब तक सिर्फ 20 खदानों की नीलामी हुई है, अभी तो 180 खदानों की नीलामी बाकी है। 204 खदानों में एक लाख 76 हजार करोड़ के घोटाले की बात थी। लेकिन यह घोटाला तो उससे भी बड़ा निकला। 204 में से सिर्फ 20 की नीलामी हुई है और आपको जानकर के आनंद होगा कि दिल्‍ली में आपने ईमानदार सरकार बिठाई है। उसका परिणाम यह हुआ है कि अब तक करीब-करीब दो लाख करोड़ रुपया सरकारी खजाने में आना तय हो चुका है। 180 खदान बाकी हैं। सब खदाने जाएंगी तो कितना बड़ा भंडार मिलेगा, यह रुपया किसके काम आएगा? गांव के काम आएगा, गरीब के काम आएगा, किसान के काम आएगा। देश विकास की नई ऊंचाईयों पर जाएगा। कोयला छोडि़ए, इन्‍होंने कोई जगह पाप करने के लिए छोड़ी नहीं भाईयों। सरदार भगत‍ सिंह जी आत्‍मा दुखी होती होगी इन लोगों के कारण। LED Bulb! बिजली बचाने के लिए LED Bulb लगाने की बात है। आपको मालूम है 2014 में सरकार ने LED Bulb कितने रुपये में खरीदे। करीब-करीब 300 रुपयों में एक बल्‍ब खरीदा। हमने उसमें गहराई से काम किया, Department को लगाया, व्‍यापक रूप से काम किया। कंपनियों को भी दबाया। कोई रुपया-पैसा देने की बात बंद करो, गरीब का भला करो और आपको जानकर के खुशी होगी कि जो LED का Bulb एक साल पहले कुछ सरकारों ने 300 रुपये में खरीदा था आज उसकी कीमत 80 रुपये में हमने लाकर के रख दी। एक बल्‍ब पर दो सौ-सवा दौ सौ रुपये, चोरी होते थे। करोड़ा बल्‍ब जाएंगे तो कितने रुपये जाते होंगे। भाईयों बहनों आपने हमें ईमानदारी के लिए बिठाया है, ईमानदारी से काम करने के लिए बिठाया है और उसका परिणाम है कि आज 300 रुपये में बिकने वाला बल्‍ब.. जो भ्रष्‍टाचार के कारण रुपये खाए जाते थे, हमने उसकी कीमत 80-85 रुपया लाकर के रख दी है। सरकार 80-85 रुपये में खरीदेगी और LED का Bulb पहुंचेगा और उसके कारण गरीब से गरीब के घर में बिजली की बचत होगी। किसी का 200 रुपये बचेगा, किसी का 400 रुपये बचेगा। गरीब का हमें आशीर्वाद मिलेगा। भाईयों बहनों ईमानदारी, देशभक्ति, अगर काम करने का जज्‍बा लेकर के.. सिर्फ देश के लिए जीना, सिर्फ देश के लिए मरना इस संकल्‍प को लेकर के चलते हैं तो कितने उत्‍तम परिणाम आते हैं यह आपके सामने मौजूद है। मैं फिर एक बार.. बादल साहब ने जितने विषय रखे हैं उन सभी बातों पर भारत सरकार गंभीरता से सोचेगी, उनके साथ भी मैं विस्‍तार से बातें करूंगा और भारत सरकार पंजाब के लिए जितना ज्‍यादा कर सकती है करने में कभी पीछे नहीं रहेगी। मेरा तो पंजाब से अनेक रूप से नाता है। एक तो मैं यहां कई वर्षों तक रहा हूं। एक प्रकार से मेरी शिक्षा-दीक्षा, राजनीतिक शिक्षा-दीक्षा का अवसर मुझे बादल साहब की उंगली पकड़कर के सीखने का मुझे अवसर मिला है। यह मेरा सौभाग्‍य रहा है। दूसरी बात, मेरा जन्‍म गुजरात में हुआ है और जो पहले पंच प्‍यारे थे, उन पहले पंच प्‍यारों में एक गुजरात के द्वारका का था और इसलिए मेरा तो आपके साथ खून का नाता है। इसलिए पंजाब के लिए मैं जो कुछ भी कर सकता हूं, मुझे करने में खुशी होगी। यह कर्ज चुकाने का अवसर मुझे मिला है। मैं उसे चुकाकर रहूंगा। इसी एक बात के साथ फिर एक बार मेरे साथ पूरी ताकत से बोलिये – शहीदो..अमर रहो! शहीदों..अमर रहो! शहीदो..अमर रहो! धन्यवाद। Snaps of Golden Temple visit of PM: M-5 M-6 M-11 M-7 M-8

About Sanjay Trivedi

Sanjay Trivedi is honorary editor of Asia Times. He is senior Indian Journalist having vast experience of 25 years. He worked in Janmabhoomi, Vyapar, Divya Bhaskar etc. newspapers and TV9 Channel as well as www.news4education.com. He is serving as Media Officer in Gujarat Technological University, the university which controlling 440 colleges of Engineering, Management, Pharmacy & Architecture colleges in Gujarat.

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